आचार्य पंडित विमल पारीक: ज्योतिष, वैदिक परंपरा और सेवा का उज्ज्वल स्तंभ
आचार्य पंडित विमल पारीक
माँ कामाख्या ज्योतिष एवं वैदिक शोध संस्थान, मकराना के निदेशक हैं। उनकी संस्था के तत्वावधान में मकराना (राजस्थान) में दुनिया का सबसे बड़ा और लोकप्रिय इंटरनेशनल ज्योतिष एवं वैदिक वेदांग महोत्सव के नाम से तीन दिवसीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
आचार्य पंडित विमल पारीक धार्मिक, सामाजिक सेवा एवं परोपकार के अनेक कार्यों में निरंतर सक्रिय रहते हैं। वे बोरावड़–मकराना सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्य प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। आप एक प्रतिष्ठित राजज्योतिषी एवं राजपंडित हैं तथा कछवाहा, शेखावत एवं खींची चौहान (जायल) वंश के राजगुरु एवं कुलपुरोहित रहे हैं। साथ ही, आप बंशीवाला मंदिर जायल नागौर के मुख्य पुरोहित एवं पुजारी भी हैं।
अल्प आयु में ही देश के सर्वाधिक बड़े बड़े महायज्ञों एवं सामूहिक विवाह सम्मेलनों के सफल आयोजन हेतु आपको “याज्ञिक सम्राट” की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जोधपुर में आयोजित सेमिनार में हिज हाइनेस हेमलता राजे जी, राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री मनोज कुमार गर्ग, राजस्थान राज्य मंत्री श्रीमती संगीता बेनीवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति में एस. के. जोशी जी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजीव गौड़ द्वारा प्रदान किया गया।


















